COPB-95 Early Sugarcane Variety :अर्ली गन्ना किस्म की विशेषताएं|

COPB-95 Early Sugarcane Variety :COPB-95 अर्ली गन्ना किस्म की विशेषताएं जानें|पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की गन्ना किस्म के बारे में जाने|गन्ना बिजाई का सही समय के होता है।गन्ने की खेती।गन्ने की प्रमुख किस्में।

गन्ना एक प्रमुख व्यावसायिक फसल है। जो विषम परिस्थितियों में भी किसानों को एक अच्छी पैदावार निकाल के देती है। गन्ने की खेती अपने आप में सुरक्षित और लाभकारी खेती होती है। दोमट मिट्टी जिसमें सिंचाई की उचित व्यवस्था हो। और भूमि का पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच हो गन्ने के लिए सर्वोत्तम रहती है। गन्ना चीनी का मुख्य स्रोत है। लगभग पूरे भारत में गन्ने की खेती की जाती है। लेकिन उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में अधिक मात्रा में गाने की खेती की जाती है। गन्ना उत्पादन का सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश है। पूरे संसार में भारत का गन्ना उत्पादन में दूसरा स्थान है। गन्ना उत्पादक भारतीय अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

COPB-95 Early Sugarcane Variety
COPB-95 Early Sugarcane Variety

गन्ना बिजाई का सही समय

गन्ने की बुवाई वर्ष में दो बार की जाती है। एक शरदकालीन बुवाई जो अक्टूबर–नवंबर में फसल की बुवाई करते हैं। इसमें फसल 12 से 14 महीने में तैयार हो जाती है। और दूसरी बसंतकालीन बुवाई इसमें फरवरी से मार्च तक गन्ने की बुवाई करते हैं। इसमें फसल 10 से 12 महीने में तैयार होती है। इसके अतिरिक्त किसान भाई अक्टूबर से लेकर मार्च तक गन्ने की बुवाई किसी भी टाइम तक कर सकते हैं।

COPB-95 Early Sugarcane Variety COPB-95 गन्ना किस्म की विशेषताएं

COPB–95 पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी की एक गाना किस्म है। यह गन्ने की अर्ली किस्म है। इस किस्म की अभी तक गन्ने की सबसे ज्यादा उपज है। इसके एक गन्ने का वजन लगभग 4 किलोग्राम के लगभग रहता है। यह एक अधिक उपज देने वाली गन्ना किस्म है। जो कीड़ों तथा बीमारियों के प्रति सहनशील है। यह किस्म खेती की कुल लागत को कम करती है, अथबा किसानों को अधिक फायदा देती है।

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इस किस्म के गन्ने मोटे और लंबे होते हैं। इस किस्म के गन्ने का रंग बैंगनी हरे रंग के होते हैं। इसके पत्तियां चौड़ी होती हैं। दिसंबर मास में इसके रस में 17% से अधिक शुगर होता है। यह किस्म लाल सड़न रोग के प्रति सहनशील है। यह किस्म चोटी बेधेक और अन्य रोगों के प्रति भी सहनशील है ।इस गन्ना किस्म की औसत उपज लगभग 425 कुंतल प्रति एकड़ है। गन्ना मोटा होने के कारण इसका प्रति एकड़ लगभग 40 कुंतल बीज लगता है। हरियाणा के शुगर मिलों ने इस किस्म को लेने के लिए अनुमोदन नहीं दिया है।

इस गन्ना किस्म को लगाकर किसान अधिक आय कमा सकते हैं। क्योंकि आज तक की सभी गन्ना के समय में यह सबसे अधिक उपज देने वाली किस्म है। Co–238 गन्ना वैरायटी पिछले कुछ वर्षों से रोगों के कारण फेल होती दिख रही है। इसलिए किसानों ने इस किस्म की और झुकाव अधिक हो रहा है। अगर किसी किसान ने इस किस्म की बिजाई की है। तो वह कृपया कमेंट के माध्यम से हमें अपने विचार साझा करें ताकि दूसरे किसान भी उसका फायदा उठा सकें। धन्यवाद!

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