धान में पत्ता लपेट सुंडी का प्रकोप – कारण और रोकथाम

धान में पत्ता लपेट सुंडी का प्रकोप – कारण और रोकथाम

पत्ता लपेट सुंडी का प्रकोप

धान के खेतों में पत्ता लपेट सुंडी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। यह एक प्रकार की सुंडी है जो धान के पत्तों को लपेटकर उनका रस चूस लेती है, जिससे पत्ते सूख जाते हैं और फसल में नुकसान होता है। पिछले कुछ वर्षों में धान उत्पादक राज्यों हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में इस रोग का प्रकोप बहुत तेजी से बढ़ा है। खासकर धान के पकने के समय में यह सुंडी फसल को काफी नुकसान पहुंचा रही है।

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लक्षण और पहचान

पत्ता लपेट सुंडी के प्रकोप की पहचान करना बहुत आसान है। इसमें धान के पत्ते लिपटे हुए नजर आते हैं और उन पर सफेद रंग की धारियां दिखाई देती हैं। ये धारियां सुंडी द्वारा पत्तों का रस चूसने से बन जाती हैं। ऐसे पत्तों से फसल में दाने नहीं बन पाते।

कारण

खेत में मौजूद कुछ प्रकार की तितलियां पत्ता लपेट सुंडी के प्रकोप का कारण हैं। ये तितलियां अपने अंडे धान के पौधों पर देती हैं, जिनसे ये सुंडियां निकलती हैं और पत्तों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देती हैं।

रोकथाम

पत्ता लपेट सुंडी के प्रकोप से बचाव के लिए समय रहते कीटनाशकों का प्रयोग बेहद जरूरी है। लैम्ब्डा साइहेलोथ्रिन, इमामेक्टिन बेंजोएट, बिफेन्थ्रिन जैसे कीटनाशकों का घोल तैयार करके फसल पर छिड़काव किया जा सकता है। इन कीटनाशकों का सही मात्रा में और सही समय पर प्रयोग करके पत्ता लपेट सुंडी के प्रकोप को रोका जा सकता है।

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